Sad Shayri,,,,, तेरी यादों ने कब रुलाया नही, उम्र गुजरी तुझे भुलाया नही, तुझसे बिछड़ के नजराना रब है गवाह, हमने खुद को कभी हसाया नही,, ~अब्दुल कादिर शैख