शराबी बनकर खुश हो लेता हूँ || dhoka Shayari

 नसीब बन कर कोई ज़िन्दगी में आता है


फिर ख्वाब बन कर आँखों में समा जाता है


यकीन दिलाता है कि वो हमारा ही है 


फिर ना जाने क्यों वक़्त के साथ बदल जाता! 🤔🤔🤔 🤔








Naseeb bankar koi zindagi me ata hai.


Phir khwab bankar Ankhon me sama jata hai.


Yaqeen dilate hai ke o hamara hai.



Phir Na jane waqt ke saath kyun badal jata hai...






शराबी बनकर खुश हो लेता हूँ,


हर जाम से दर्द भर लेता हूँ,


एक बेवफा का नशा तो मुझे हर पल रहता है,


इस शराब से थोड़ा होश संभाल लेता हूँ,


कहो सनम से मुझे और पीने दे,


यारों थोड़ा अपने लिए भी जी लेता हूँ…



@Nazrana_tours_official







Comments